परिमार्जन


मैं कोई रचनाकार नहीं हूँ

नित नए कटु अनुभवों को
 
शब्दों का मरहम लगाता हूँ
 
बदस्तूर जीवन संघर्षों को 

स्याही से अनुस्यूत करता हूँ 

दुर्निवार के पर्यवसान को
 
सातत्य मार्जन प्रयास करता हूँ
 
परिवर्तन के प्रबल विश्वास को
 
सकारात्मकता सः सिक्त करता हूँ
 
प्रचंड प्रषयन है संवृद्धि को 

इसलिए चुनौतियों के बरक्स
 
अर्वाचीन उन्नयन होता हूँ

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